(श्री दिनेश संचोरा)

आई / सी प्रिंसिपल


प्राचार्य(प्रभारी) का संदेश

केन्द्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना का एक उद्देश्य जहां पूरे भारत में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों  को  एक समान शैक्षिक पाठ्यक्रम एवं वातावरण उपलब्ध कराना है ।  वहीं पूरे भारत में विभिन्न प्रदेशों में स्थापित केन्द्रीय विद्यालयों में सभी वर्गो के विद्यार्थियों के मन में राष्ट्रीय एकता व भारतीयता का भाव पैदा करना भी है । यह लक्ष्य अथवा उद्देश्य कठिन अवश्य है  किन्तु असंभव नहीं । इस उद्देश्य की प्राप्ति में शिक्षक ही वह केंद्र बिन्दु है जिसके कंधों पर इस महान लक्ष्य व उद्देश्य की पूर्ति का कार्यभार है ।

मेरी दृष्टि में यदि शिक्षा को औपचारिकताओं की सीमाओं तथा सूचनाओं और तथ्यों की परिधि से बाहर निकाल कर विद्यार्थियों की जीवन शैली तथा कार्य व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन का आधार मान कर पूर्ण समर्पित भाव से कार्य किया जाए तो  केन्द्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना के सभी – उद्देश्यों व लक्ष्यों की पूर्ति अधिक सरलता व शीघ्रता से की जा सकती है ।

जो शिक्षा व्यक्ति के उत्तम स्वभाव, उत्तम चरित्र तथा जीवन की समस्त चिंताओं से मुक्ति का माध्यम बनती है वही सच्चे अर्थों में शिक्षा है । तभी तो किसी कवि की ये पंक्तियाँ अनायास ही याद आ जाती है –

शिक्षा जीवन का उजास है, शिक्षा जीवन का प्रकाश है

अलंकरण है यह चरित्र का , यह क्षमताओं का विकास है